मुश्किलों ने था ऐसा घेरा

मुश्किलों ने था ऐसा घेरा के मैं बिल्कुल टूट गया
तन्हाईयो का भी था ऐसा फेरा के उजालो से पीछे छूट गया
खुद की करनी का है ये फल क्यूँ खुद से हरमन रूठ गया
अभी तो सितम है और भी बाकी हौंसला अभी से बाजवा तेरा टूट गया
कलम :- हरमन बाजवा ( मुस्तापुरिया )

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