इश्क की मुश्किल राहो में

इश्क की मुश्किल राहो में वो अकेला हमें छोड़ गए
बरसो की तोड़ के मोहब्बत को रिश्ता संग दुखो के जोड़ गए
जो माँगा हमनें जवाब इसका वो हस के पल्ला झिंझोड़ गए
वो करके तबाह मेरी उम्र सारी कश्ती तूफानों की और जो मोड़ गए
कलम :- हरमन बाजवा ( मुस्तापुरिया )

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