Shayrana Andaaz
होता नहीं है असल मैं फिर भी प्यार करते है
जज्बातो की ना करके कद्र दिखावा हर बार करते है
कर बदनामी 'हरमन' गली गली पीठ पर कई वार करते है
कलम :- हरमन बाजवा ( मुस्तापुरिया )</h5>
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