इश्क में मजा है इतना...

इश्क में मजा है इतना के ब्याँ कर पाना मुश्किल है
जो मिलती है इसमें सजा उसे सह पाना भी मुश्किल है
गुज़रता है वक़्त जो संग यार के उसे भूल पाना भी मुश्किल है
जो ना हो दीदार रहे दिल बेकरार रातें जाग के बिताना भी मुश्किल है
जिसे करते हो प्यार दिखे सूरत बार बार इज़हार कर पाना भी मुश्किल है
गर साथ ना दे यार सबको कर के दर-किनार ज़माने से अकेले लड़ पाना भी मुश्किल है
और कर के इज़हार पर ना आये उसको इतबार मर के साबित कर के दिखाना भी मुश्किल है
गर बेवफा हो जाये प्यार करके पीठ पे जो वार भुला के सब कुछ जहान से रुक्सत हो पाना भी मुश्किल है
कलम :- हरमन बाजवा ( मुस्तापुरिया )

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