निगाहे किसी और को है
निशाना बने कोई और
अदाये किसी और को है
दीवाना बने कोई और
दिल किसी और को है
दिलदार बने कोई और
चाहत किसी और से है
प्यार करे कोई और
वादा किसी और से है
इंतज़ार करे कोई और
मतलब किसी और से है
शिकार बने कोई और
शम्मा किसी और की है
परवाना बने कोई और
गलती किसी और की है
सजा भरे कोई और
नाम किसी और का है
बदनाम होए कोई और
कलम:- हरमन बाजवा ( मुस्तापुरिया )
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