आसमां में तारे है बेशुमार...
आसमां में तारे है बेशुमार हमें भी तुमसें है उतना प्यार
दिल की धड़कन से पूछो जरा हर वक़्त जो रहती है बेक़रार
जर्रा जर्रा रोम रोम में तुम ही हो समाए चाहते तो है बहुत तुम्हे पर इज़हार न कर पाए
कैसे कहे कुछ न सूझे कैसे तुम्हे बताए देख तुम्हारी अदाए ज़ालिम दिल को रखते है समझाए
काश के ऐसा हो तुम आँखों की भाषा समझ सको वर्ना खामोशी में हमारी ज़िन्दगी ना गुज़र जाए
कलम : हरमन बाजवा ( मुस्तापुरिया )</h6>

Comments
Post a Comment