हर पल तुझ ही को ....
हर पल तुझ ही को याद करता हूँ तेरी हर बात पर खुद को राख करता हूँ
मिटा देना चाहता हूँ खुद को तेरे इश्क में इस्सी लिए तेरी हर गलती को माफ़ करता हूँ
करे तू भी कभी प्यार मुझे खुदा से बस ये ही फरियाद करता हूँ
करते है तंग ज़माने वाले रोज ही मुझे कुछ भी तो नहीं मैं ब्यान करता हूँ
तुझ ही को पाने की हसरत है दिल में मेरे इसी लिए तो हर बार खुद ही को बर्बाद करता हूँ
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