तेरे नजदीक आना.....

तेरे नजदीक आना चाहता हूँ

में खुद से दूर जाना चाहता हूँ

तुझे बाँहों में समाना चाहता हूँ

सारा जहाँ पाना चाहता हूँ

हवा भी ना गुजरे होकर दरमियाँ से

इस कदर से दूरियां मिटाना चाहता हूँ
कलम :- हरमन बाजवा ( मुस्तापुरिया )

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