दे सकते थे जवाब .....

दे सकते थे जवाब हम भी उनकी बेवफाई का मगर
जब आई उनकी भोली सूरत सामने तो हम बेजुबान हो गए
नाम तो बहुत था हमारा भी शहर मैं लेकिन
जब हुए चर्चे उनके तो हम गुमनाम हो गए
कलम :- हरमन बाजवा ( मुस्तापुरिया )

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